Saturday, August 21, 2010

बड़ी तनख्वाह स्वीकार करके गरीबों पर उपकार

सर्वोच्च न्यायालय कहती है की  खुले मैं सड़ रहे गेहूं को बर्बाद होने देने से अच्छा उसे गरीबों में बाँट देना चाहिए|भोजन [केन्द्रीय]  मंत्री माननीय शरद पवार जी उवाचे हैं की गरीबों को पहले ही सस्ता गेहूं दिया जा रहा है इसीलिए उन्हें फ्री गेहूं नहीं दिया जा सकता| distingueshd सांसद कॉ खिताब पाने वाले डाक्टर मुरली मनोहर जोशी कॉ कहना है की श्री पवार फ़ूड मिनिस्टर के बजाये क्रिकेट मिनिस्टर हैं|शायद इसीलिए गरीबों की भूख उन्हें दिखाई नहीं दे रही|शायद खाद्य पदार्थों के आयात और निर्यात कॉ खेल खेलने में सिद्ध श्री पवार देसी गेंहूं को सडा कर विदेशी गेंहूं को आयात करने में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं|संसद में सता और विपक्ष दोनों पक्ष गरीबों का रोना रोते नहीं थकते मगर अंत में अपने वेतन को बदवाते ही दीखते हैं |कुछ  खांटी किस्म के सांसद वेतन बढ़ोतरी का विरोध जताने की ओउप्चारिकता निभाते हैं मगर अंत में बड़ी तनख्वाह स्वीकार करके गरीबों पर उपकार कर  ही डालते हैं| इस उपकार के बदले मैं फालतू+बचाया ना जा सकने वाला+गरीब भूखों को ना दिया जा सकने वाला मूल्यवान गेहूं इन माननीय सांसदों और नौकरशाहों की खिदमत में पेश किया जा सकता है इस महत्वपूर्ण सुझाव पर निर्णय लेने में वक्त लगेगा इसीलिए भइय्या जी नुक्सान भी इन्ही लोगों  कॉ होगा क्योंकि भण्डार भरे रहेंगे तो आयात कैसे होगा?ये माननीय अपना स्वार्थ त्याग कर   गेंहूं की बर्बादी बदस्तूर जारीरखे हैं  +तनख्वाह बढ़ा कर उपकार कर रहें हैं |देश तरक्की कर रहा है विकास कर रहा है
             इन फोटोस में नौनिहाल स्कूल जाने के बजाये मजदूरी करके अपना पेट और माननीयों की तिजोरी भर रहे हैं  

6 comments:

राज भाटिय़ा said...

लानत है इन सब पर, सब एक से बढ कर एक कमीने है

गजेन्द्र सिंह said...

ये इस देश का दुर्भाग्य है जनता को सडा हुआ आनाज भी नहीं मिलता और सांसद को ५ गुना वेतन की सिफारिस स्वयं सांसद लोगो की कमिटी करती है ..........
अच्छा लेख

jamos jhalla said...

Raj ji &Gajender jithanks for shring the jhallaa ideas .just to support my this blogs i would like to quote thatex chief minister of arunachal pradesh manniya Gegong Apang[same political DNA of SP]HAS BEEN ARRESTED for PDS SCAM.

jamos jhalla said...
This comment has been removed by the author.
sm said...

India poor may die they do not feel pain
excellent article.

DEEPAK BABA said...

आपके ब्लॉग का नाम पंजाबी में पा कर यहाँ आया और अच्छा लगा ......... आपके ब्लॉग में कुछ तो है ... जो यहाँ आना चाहिए.