Wednesday, September 14, 2011

|गुरु ग्रन्थ साहब महज़ जिल्द में बंधी एक किताब भर नहीं हैं


पीलीभीत के एक स्थानीय गुरुद्वारे में सजाये गए गुरु ग्रन्थ साहब का अपमान कुछ लोगों द्वारा करने का घिनौना समाचार स्थानीय अखबारों में पडा|पड़ कर दुःख हुआ क्रोध भी आया |गुरु ग्रन्थ साहब महज़ कागजों को जिल्द में बंधी एक किताब भर नहीं हैं|पीलीभीत भी महज़ एक आम शहर नहीं है |गुरु ग्रन्थ साहब को दशम पादशाही के बाद गुरु की पदवी प्राप्त है \गुरु गोविन्द सिंह जी ने स्वयं कहा है की गुरु ग्रन्थ जी मान्यों प्रगट गुरां की देह
पीलीभीत भी एक आम शहर नहीं है वरन श्रीमती मेनका गांधी और उनके पुत्र की पोलिटिकल कैरियर का आधार भी है |सर्व विदित हे की मेनका ने एक पंजाबी सिख परिवार में जन्म लिया है |ऐसे में उनकी पोलिटिकल छेत्र में गुरु साहब का अपमान एक साधारण अपराध नहीं है यह एक सोची समझी साजिश का हिस्सा लगती है |Against Which Followers  Have Started Coming On Streets 
इसीलिए समय रहते इस घिनौने अपराध पर से पर्दा हटा कर दोषिओं को सजा दी जानी चाहिए ताकी गुरु नाम लेवा सगत की जख्मी धार्मिक भावनाओं को भरा जा सके|So That This Glorious Community May Not Feel Themselves discarded +Avoided + secondarily Rate Citizens

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