Friday, May 8, 2009

अमरीकी नीति से भारतीय अभिशिप्त

एक भारतीय टैक्नोक्रट
ओये झाल्लेया ये कया हो रहा है?अमरीका के नए हुकुमरान ओबामा ने यह फरमान जारी कर दिया है कि भारतीय आई.टी .स्वर्ग बंगलूर में आउट सोर्सिंग करने वाले अमरीकीओं को अब अमरीका मे टैक्स छूट नहीं दी जायेगीइसके बदले अमरीका में भैंस पर निवेश करने वालों को प्रत्येक सुविधा दी जायेगीइससे तो यार बेशक वहाँ दूध,दही और माखन कि नदियाँ बहने लगेंगी मगर यार हसाडे मुल्क में तो डालडे [आयल हाइदरो ]के भी लाले पड़ जाने हे लाखों खर्च करके प्रोधयोगिकी में महारथ हासिल करने वाले प्रतिभाओं का भविष्य के साथ साथ वर्तमान तक कर्जे कि सूखी रोटिआं खाने को अभिशिप्त हो जाएगा
झल्ला
भोले साहब जी यह तो वोही गल हुई कि अमरीका ने भारतीयों कि मदद से सर्वत्र सूचना प्रोद्योगिकी के कूऐं खोदे खुशहाल भविष्य के मन भावन सपने बेचे अब जब इन कूओं से मीठा और ठंडा पानी निकलने लगा हे तो इन कूओं में पाइप लगा कर सारा पानी अमरीका ले जाना चाहते हे हसाडे होन हारों के साथ साथ उनके परिवारों को भी क़र्ज़ के बोझ तलेछोड़ जाना चाहते हे टी.सी.एस.जैसी रास्त्रवादी कंपनी भी अपने कर्मिओं के वेतन घटा कर अपना लाभ बड़ा रहे हे मुल्क के नीतिनिर्माताओं को वोह कऊआ [क्रो] बना कर छोड़ रहे हे जो हंस कि नक़ल करने चला था मगर अपनी चाल भी भूल गया

4 comments:

Abhishek Mishra said...

Sahi kaha aapne, yeh sab nakal ka hi asar hai.

BK Chowla said...

The USA or any other country in the world will and should implement policies which are in their national interest.We should learn from them instead of being critical

jamos jhalla said...

it is true but unfortunatly we dont take inspiration we prefare to follow developed one.this is the reason we are used by them.their priority is national interest and criticiseour national interest.

Babli said...

बढ़िया लिखा है आपने!